शब्द का अर्थ
|
काँड़ी :
|
स्त्री० [सं० कांड] १. कुछ विशिष्ठ प्रकार के वृक्षों का वह लंबा पतला तना जो बाँस या हल्के शहतीर की तरह छाजन आदि के काम में आता है। पद—काँड़ी कफन=शव की अर्थी बनाने की सामग्री। २. जहाजों, नावों, आदि के लंगर में का लोहे का लंबा डंडा। ३. मछलियों का झुंड या झोल। छाँवर। ४. किसी चीज का कोई छोटा लंबा टुकड़ा। डंडी। डाँड़ी। उदाहरण—औ सोनहा सोने की डाँड़ी। सारदूर रूपे की काँड़ी।—जायसी। स्त्री० [पं०कंडन] भूमि में बनाया हुआ वह गड्ढा जिसमें रखकर धान कूटा जाता है। |
|
समानार्थी शब्द-
उपलब्ध नहीं |
|